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डाबरी-पालम रोड पर लगने वाले जाम से मिलेगी राहत

डाबरी-पालम रोड पर लगने वाले जाम से मिलेगी राहत

दिल्ली के उप राज्यपाल ने उच्च अधिकारिओं के साथ बैठक कर के यह आदेश दिया है कि डाबरी-पालम रोड के बीच बनी में बनी दो दुकानों को हटाने का रास्ता 21दिसम्बर 2017 से पहले निकला जाये।

डाबरी-पालम रोड पर रोजाना इतने लम्बे समय से चली आ रही ट्रैफिक जाम की गम्भीर समस्या पर दिल्ली के उप राजयपाल अनिल बैजल ने पर प्रशासन के डुलमुल रवैये से अपनी नराजगी जताई। राज निवास में कल हुई एक मिटिंग में उप राजयपाल ने साफ निर्देश डी डी ए, भूमि व भवन विभाग दिल्ली सरकार व राजस्व आयुक्त दिल्ली सरकार को दिया है कि 21 दिसम्बर 2017 से पहले इस समस्या का हल कानून के मुताबिक निकाला जाये। द्वारका की ओर जाने ले लिये पश्चिम दिल्ली के लोग इसी रास्ते का इस्तेमाल करते है। द्वारका की आबादी अब इतनी बढ़ गई है कि एक पूरी विधानसभा इसके नाम से ही है। इसी के साथ ४० से ज्यादा पब्लिक स्कूल, पांच कॉलेज, यूनिवर्स्टी व् द्वारका कोर्ट डाबरी-पालम रोड हो कऱ ही जाया जाता है। डाबरी मोड से यह सड़क १०० फुट से जायदा चौड़ी है आगे जा कर इन दुकानों की वजह से १७ फुट रह जाती है ट्रैफिक जाम लगने की वजह यही है। अक्सर यह भी देखा गया है कि इस रोड पर जाम की वजह से लोग उल्टी तरफ से जाने लगते हैं और दूसरी ओर से तेज गति से आने वाल वाहनों से कई बार दुर्घटनाये हुई हैं।

उप राजयपाल ने मिटिंग में यह स्पष्ट निर्देश दिया कि अगर इन दुकानों को वैकल्पिक जगह देने या मुआवजा देने की बात हो सभी पहलुओं का गहन अध्यन करते हुये बिना देरी कानून के दायरे में इस पर कारवाई की जाये। इस काम की जिम्मेदारी उप राजयपाल ने डी सी रेवन्यू को सौंपी है साथ ही यह साफ़ किया है कि अब इस मामले में किसी प्रकार की भने बाजी या देरी नहीं होनी चाहिये। संजय पुरी ने उपराज्य पाल के इस कदम का स्वागत करते हुए पश्चिम दिल्ली की जनता की ओर से उन का धन्यवाद किया है जिहोंने इस गम्भीर समस्या को हल करने की जोरदार शुरुआत की।

राज निवास में हुई इस मिटिंग में दिल्ली सरकार के पी डब्लू डी मंत्री सत्येंदर जैन के अलावा दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव, डीडीए के वाइस चेयरमैन, प्रधान सचिव पी डब्लू डी,आयुक्त दक्षिण दिल्ली नगर निगम,सचिव भूमि व भवन विभाग दिल्ली सरकार, राजस्व आयुक्त दिल्ली सरकार व स्पेशल कमिश्नर दिल्ली पुलिस ( ट्रैफिक ) ने हिस्सा लिया। ज्ञातव्य है जनक पुरी के पूर्व निगम पार्षद संजय पुरी ने यह मामला उठाते हुए एल जी से इस मिटिंग बुलाने का अनुरोध किया था।